प्रयागराज न्यूज डेस्क: केंद्र सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के वरिष्ठ अधिकारी विवेक बंसल के प्रयागराज दौरे को लेकर उठे विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर उनके दो दिवसीय दौरे की विस्तृत और कथित तौर पर आलीशान व्यवस्था का दस्तावेज वायरल होने के बाद यात्रा रद्द कर दी गई। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे स्थापित नियमों और परंपराओं के खिलाफ बताते हुए सात दिन में जवाब देने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी करने की बात कही।
वायरल 21 बिंदुओं वाले दस्तावेज में दावा किया गया था कि 25–26 फरवरी के प्रयागराज दौरे के लिए करीब 50 अधिकारियों को तैनात किया गया था। इसमें संगम स्नान से लेकर हनुमान मंदिर, अक्षयवट और पातालपुरी मंदिर दर्शन तक की विस्तृत व्यवस्थाओं का उल्लेख था। “कंफर्ट मैनेजमेंट” के नाम पर तेल, कंघी, टूथपेस्ट, शेविंग किट, चप्पल और अंडरगारमेंट्स तक की व्यवस्था सूचीबद्ध होने से आलोचना और तेज हो गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आठ बाथ किट तैयार रखी गई थीं और स्नान के बाद की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दस्तावेज सामने आने के बाद सवाल उठे कि क्या सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल निजी सुविधा के लिए किया जा रहा था। विवाद बढ़ने पर प्रस्तावित यात्रा निर्धारित तारीख से एक दिन पहले ही रद्द कर दी गई।
बीएसएनएल ने बयान जारी कर कहा कि यह प्रकरण उसके पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं है और संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। साथ ही कर्मचारियों को आचरण नियमों और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दोहराए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।